1.
AUD-20180105-WA0001_श्लोक 23
2.
AUD-20180111-WA0006__Shloka 26-27_देवकीजी द्वारा भगवान् की स्तुति
3.
AUD-20180112-WA0004_Shloka 27_मृत्यु रूपी काल सर्प
4.
AUD-20180114-WA0001_Shloka 28
5.
AUD-20180115-WA0001_Shloka 29-30
6.
AUD-20180117-WA0020__Shloka 31_ देवकी द्वारा भगवान से उनके अलौकिक रूप को छि
7.
AUD-20180118-WA0003
8.
AUD-20180119-WA0004
9.
AUD-20180123-WA0006_Shloka 31-38_भगवान् की देवकी वासुदेव के प्रति उक्ति
10.
AUD-20180124-WA0006_Shloka 32-38_पृश्नि और सुतपा की भक्ति
11.
AUD-20180125-WA0009_Shloka 41-44_देवकी-वासुदेव जी के पूर्व जन्म
12.
AUD-20180126-WA0008_Shloka 45_भगवान का नराकृति स्वरूप
13.
AUD-20180127-WA0006
14.
AUD-20180130-WA0002_Shloka 46_माया शब्द के अर्थ
15.
AUD-20180131-WA0002_Shloka 46_भगवान् का प्राकृत शिशु रूप
16.
AUD-20180120-WA0004_Shloka 31_अविद्या वृत्ति-ममता और प्रेम वृत्ति-ममता
17.
AUD-20180201-WA0002_Shloka 46_भगवान् का प्राकृत शिशु रूप
18.
AUD-20180202-WA0002_Shloka 46-47_योगमाया का जन्म
19.
AUD-20180206-WA0001_Shloka 47-52_वसुदेव जी द्वारा भगवान की प्रेरणा से कृष्ण
20.
AUD-20180207-WA0004_Shloka 47-52_भाव प्रकाशिका वृत्ति
21.
AUD-20180208-WA0003_Shloka 47-53_भविष्य पुराण से श्रीकृष्ण की जन्म कथा
22.
AUD-20180209-WA0001


